सोयाबीन की 3 नई वैरायटी दे रही हैं रिकॉर्ड तोड़ पैदावार – जानिए कौन-सी किस्म आपके लिए है बेस्ट

सोयाबीन की किस्म

सोयाबीन की किस्म


क्यों सही बीज का चुनाव करता है आपकी फसल की किस्मत तय?

किसान भाइयों की साल भर की मेहनत का भविष्य तय करता है एक निर्णय जो आपकी फसल की किस्मत को ताला खोल सकता है जी हां मैं बात कर रहा हूं सही बीच के चुनाव की आप दिन-रात एक कर देते हैं पूंजी लगते हैं और उम्मीद करते हैं कि इस बार फसल बंपर होगी लेकिन कई बार सब कुछ सही करने के बाद भी अगर बीज सही ना हो तो सारी मेहनत पानी फिर जाता है पैदावार कम हो जाती है रोग लग जाते हैं और अंत में हाथ लगती है तो सिर्फ निराशा लेकिन अब ऐसा नहीं होगा,आज इस ब्लॉक मैं आपके लिए ऐसे तीन सोयाबीन की किस्म में लेकर आया हूं जो भारती कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा जांची  परखी गई है और जिन्होंने पिछले कुछ सालों से किसानों को मालामाल कर दिया है यह सिर्फ किस्म में नहीं है यह आपकी मेहनत का सम्मान और आपके मुनाफे की गारंटी है।

हम इस तीन सोयाबीन की किस्म  के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेंगे कि यह कितने दिनों में पकती,इसकी पैदावार कितनी होगी, इसमें कौन से रोग से लड़ने की ताकत है और यह भारत के किन-किन क्षेत्रों के लिए वरदान से काम नहीं है  किसान को यह बात अवश्य पता होना चाहिए कि हर किसान की जमीन अलग है और पानी के उपलब्धता अलग-अलग है और मौसम का मिजाज भी अलग होता है इसलिए जो किस्म मेरे लिए अच्छी होती है वह आपके लिए इतनी अच्छी नहीं हो सकती इसलिए मैंने जो आज तीन किस्म चुनी है वह अलग-अलग परिस्थितियों के लिए श्रेष्ठ है।

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1.JS-2034 कम समय में अच्छी पैदावार वाली किस्म

यह सोयाबीन की किस्म जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई है इस किस्म के पौधे की ऊंचाई 50 सेंटीमीटर के आसपास होती है एवं इसके दाने पीले  चमकदार और मध्य आकर के होते हैं इसकी फलिया चिकनी और बिना रुई की होती है फलिया में चटकाने की समस्या नहीं होती यह किस्म में पीला मोजैक वायरस, बैक्टीरियल ब्लाइट, फफूंद जनित रोगों से प्रति सहनशील होती है इसके पकाने की अवधि 90 से 95 दिन की होती है एवं इसकी औसत पैदावार 25 से 30 क्विंटल तक होती है यह   किस्म मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,गुजरात राजस्थान और महाराष्ट्र के क्षेत्र के लिए उपयुक्त है।

2.KDS-726 सिंचाई वाले क्षेत्रों के लिए हाई यील्डिंग किस्म

यह सोयाबीन की किस्म महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ  राहुरी द्वारा विकसित की गई है इसके पौधे ऊंचे और झाड़ीदार होते हैं इसके जो दाने होते हैं वह बड़े वजनदार और चमकदार दाने होते हैं इसमें फलियां गुच्छे में लगते हैं 200 से 250 प्रति पौधे और हर फली में 4 से 5 दाने होते हैं इस किस्म की खेती के लिए किसानों के पास सिंचाई और उर्वरक की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, यह  किस्म में रस्ट रोग, स्टांप फ्लाई ,गार्डन बीटल और अन्य कीटों के प्रति सहनशील किस्म है इस किस्म की खास बात यह है कि यह रिकॉर्ड तोड़ पैदावार देती है लेकिन इस किस्म में सिंचाई सुविधा और अच्छी देखभाल होना आवश्यक है इस किस्म की अवधि 100 से 105 दिन की होती  है एवं इसकी पैदावार 35 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है एवं अधिकतम 45 क्विंटल तक पहुंच जाती है।

3.NRC-138 सूखे और कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए वरदान

यह सोयाबीन की किस्म भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर द्वारा विकसित की गई है इस किस्म की खास बात यह है कि यह  सूखे और अनिश्चित मौसम में भी बढ़िया परफॉर्मेंस दिखती है समान रोगों के प्रति सहनशील किस्म है यह  में उन क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है जहां बारिश आसमान या पानी की सीमित उपलब्धता है इस किस्म के पकाने की अवधि 90 से 95 दिन होती है एवं उसका अवसर उत्पादन 25 से 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है यह बदलते मौसम के लिए एक अच्छी किस्म साबित होती है।

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बीज का चुनाव करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

यह तीन सोयाबीन की किस्म जो किसान बुआई के लिए इस्तेमाल कर सकता है यह आपको चयन करना होगा कि आप अपनी जमीन,अपने साधन और अपने क्षेत्र के मौसम को समझकर फिर इन तीन किस्म में  से अपने किसी एक उत्तम किस्म का चुनाव कर लीजिए, लेकिन क्योंकि यह सिर्फ अच्छी किस्म चुन लेने से ही बंपर पैदावार नहीं मिलेगी कुछ बातें हैं जिनका आपको ध्यान रखना है।

चाहे आप कोई भी किस्म चुने बीज हमेशा प्रमाणित खरीदें ,हमेशा किसी विश्वसनीय दुकान या सरकारी संस्था से ही बीज खरीदें पैकेट पर टैग जरुर देखें,सस्ता और घटिया बीज आपकी पूरी फसल बर्बाद कर सकता है बीज उपचार जरूर करें बुवाई से पहले फफूंदनाशी कीटनाशी और राइजोबियम कल्चर से बीच का उपचार करना अमृत के समान है यह शुरुआती 30 दिन तक आपकी फसल को रोगों और कीटों से बचाएगा।

FAQ

Q1. कौन-सी सोयाबीन किस्म सबसे अधिक पैदावार देती है?

उत्तर: KDS-726 किस्म उपयुक्त सिंचाई और देखभाल के साथ 40-45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार देती है, जो इसे सबसे हाई यील्डिंग बनाती है।

Q2. कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए कौन-सी सोयाबीन किस्म सही है?

उत्तर: NRC-138 किस्म सूखा सहनशील है और कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।

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