बरसाती मूली की खेती कैसे करें
बरसात के दिनों में मूली की खेती झटपट पैसा देने वाली फसल है। नाम भले ही छोटा लगे, लेकिन जून-जुलाई महीने में यदि मूली लगाई जाए तो यह सर्दियों की तुलना में तीन से चार गुना ज्यादा दाम दिला सकती है। हां, बरसात में कुछ बीमारियाँ और कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन यदि सही स्प्रे शेड्यूल और देखभाल की जाए तो शानदार उपज और बेहतर कमाई हासिल की जा सकती है। यह फसल मात्र 35-40 दिनों में तैयार हो जाती है।
बरसाती मूली की खेती का सही समय और बुवाई
मूली की बुवाई का सही समय जून, जुलाई और अगस्त है। इनमें जुलाई का पहला सप्ताह सबसे उत्तम माना जाता है। सर्दियों में मूली आसानी से तैयार हो जाती है, लेकिन बरसात में खेत का चुनाव सावधानी से करना चाहिए। खेत में जलभराव न हो और बुवाई सामान्य तरीके से न करके बेड विधि से करनी चाहिए।
बरसाती मूली की खेती बेड विधि से क्यों करें
बेड विधि से खेती करने पर गलन और रोगों की समस्या कम होती है। बेड की चौड़ाई 2.5 से 3 फीट और ऊंचाई 1 फीट तक रखनी चाहिए। बेड से बेड की दूरी लगभग 3.5 फीट होनी चाहिए। इससे अधिक पैदावार, अच्छे आकार की मूली और रोग-प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है।
बरसाती मूली की खेती में बेसल डोज और खाद
बरसात के समय मिट्टी में कीट और रोग ज्यादा होते हैं। इसलिए बुवाई से पहले दानेदार कीटनाशक जैसे फर्टिरा (FMC), रिजेंट अल्ट्रा (बायर), कारोब्यूरॉन आदि का 2-3 किलो प्रति एकड़ उपयोग करें। खाद के लिए 3-4 ट्रॉली गोबर की खाद, 80 किलो SSP, 25-30 किलो DAP, 15 किलो MOP और गोवरी खाद का प्रयोग करें। इससे मूली 35 दिन में तैयार हो जाएगी और फसल मजबूत बनेगी।
बरसाती मूली की उत्तम किस्में (Varieties)
- एडवांटा की पूसा चेतकी
- कावेरी की सिल्वर वाइट (32-38 दिन में तैयार)
- सनगिरो 1201
- सकाटा 27
- पाजा सीड्स की वाइट मार्बल
- सिजेंटा की आईवरी वाइट (सबसे ज्यादा अनुशंसित)
एक एकड़ के लिए 2 किलो बीज पर्याप्त होता है।
बुवाई की दूरी
एक बेड पर 3-4 लाइनों में बुवाई करें। पौधे से पौधे की दूरी 5-7 सेमी और लाइन से लाइन की दूरी 10-15 सेमी रखें। इससे मूली का आकार अच्छा मिलेगा और देखभाल आसान होगी।
बरसाती मूली की खेती में खरपतवार नियंत्रण
बरसात में खरपतवार एक बड़ी समस्या है। इसके लिए बुवाई के तुरंत बाद प्री-इमर्जेंट खरपतवारनाशी का प्रयोग करें। जैसे धानुका कंपनी की धानु टॉप (Pendimethalin 30% EC, 800 ml/200 लीटर पानी प्रति एकड़)। ध्यान रहे, यह स्प्रे बुवाई के तुरंत बाद ही करें, अंकुरण के बाद नहीं। हल्के खरपतवार के लिए मजदूरों से निराई-गुड़ाई सबसे अच्छा विकल्प है।
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बरसाती मूली की खेती में टॉप ड्रेसिंग
बुवाई के 15-18 दिन बाद एक बार खाद दें। इसमें 2 किलो रिजेंट अल्ट्रा, 10 किलो यूपीएल की साफ, 300 ग्राम रेली गोल्ड और 30 किलो यूरिया मिलाएं। फसल की ग्रोथ अच्छी हो तो यूरिया की मात्रा आधी रख सकते हैं।
बरसाती मूली की खेती में लागत और मुनाफा
एक एकड़ मूली की खेती का खर्च लगभग ₹10,000 से ₹14,000 आता है। लेकिन बरसात में मूली के दाम सर्दियों की तुलना में 3-4 गुना ज्यादा रहते हैं। इस तरह किसान भाई कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।