इस तकनीक से करें सरसों की खेती 10 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ होगा उत्पादन

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इस तकनीक से करें सरसों की खेती 10 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ होगा उत्पादन

सरसों की खेती
सरसों की खेती का समय शुरू हो चुका है जिसमें किसान भाई सरसों खेती की तैयारी करना शुरू कर दिए हैं मुख्य रूप से सरसों  शुष्क और ठंडी जलवायु में अच्छी तरह पनपती है इसलिए सरसों को  ज्यादातर रबी मौसम की फसल के रूप में उगाया जाता है सरसों की खेती की शुरुआत करने से पहले किसान भाई कुछ मुख्य बातें एवं तथ्यों के बारे में जान ले।जिससे कि उनको  सरसों की खेती में कोई समस्या ना हो। एवं किसान भाइयों को अधिक उत्पादन प्राप्त हो सके। 

सरसों की खेती की तकनीक 

सरसों की खेती की तकनीक को नीचे निम्नलिखित बिंदुओं में दर्शाया गया है। 

  • सरसों मुख्य रूप से ठंडे जलवायु की फसल होती है जिसे रबी के मौसम में उगाया जाता है इसकी खेती करने का मौसम सितंबर से अक्टूबर के बीच में शुरू हो जाता है।
  • सरसों की खेती के लिए उपयुक्त तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच माना जाता है इस तापमान में सरसों की खेती एवं उत्पादन अच्छा होता है। 
  • सरसों की खेती के लिए मिट्टी की बात करें तो इसके लिए उपयुक्त मृदा बलुई दोमट सर्वोत्तम मनी जाती है एवं हल्की क्षारीय मिट्टी का भी इस्तेमाल इसकी खेती के लिए कर सकते हैं खेती के लिए उपरोक्त मृदा का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। 
  • सरसों के बीज बुवाई के लिए उपयुक्त समय सितंबर से अक्टूबर के बीच के माह में  माना जाता है और इसकी अंकुरण की वृद्धि के लिए इसे 5 से 6 सेंटीमीटर गहराई पर बोना अच्छा माना जाता है।
  • सरसों की खेती के लिए बीज दर 4 से 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के  दर से  इस्तेमाल किया जाता है एवं मिश्रित फसल के लिए 2 से 3 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर दर से उपयोग में लिया जाता है।

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  • बीजों की बुवाई से पहले डाउन मिल्डयू रोग से बचने के लिए बीजों का उपचार करें जिसमें आप एप्रोन 35 SD 6 से 8 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीज उपचार कर सकते हैं
  • खाद एवं उर्वरक की मात्रा को पूरा करने के लिए इसमें NPK की मात्रा 80,60,40 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से डाल सकते हैं एवं सल्फर की पूर्ति करने के लिए जिप्सम की मात्रा 250 किलोग्राम प्रति हेक्टर की दर से डाल सकते हैं।
  • इसकी सिंचाई की मुख्य अवस्था फूल आने के पूर्व या फिर फली बनने के समय होती है उसे समय से पानी की अधिक आवश्यकता होती है

सरसों की खेती सफलतापूर्ण करना चाहते हैं एवं सरसों से अधिक उत्पादन प्राप्त करना चाहते हैं तो आप इन महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सरसों की खेती करें जिससे आपको 10 से 15  क्विंटल प्रति एकड़ पर उत्पादन प्राप्त हो सकता है एवं फसल बीमारी और कीटों की निगरानी पर अवश्य ध्यान दें क्योंकि यह आपके उत्पादन को घटा सकते हैं और आपके फसल को नष्ट भी कर सकते हैं। जिससे आपके उत्पादन में गिरावट आ सकती है।

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